काश तुम कंप्यूटर होतीं !

तुम्हारे दिल कि हार्ड डिस्क में अपनी मोहब्बत के कई फोल्डर बनाकर सेव कर देता !
तुम्हारी याद तुम्हारे साथ बीते हर, हर लम्हे को सेव कर देता !
तुम्हारी छोटी बड़ी खताओं को डिलीट कर के रिफ्रेश कर देता !
तुम्हारी हर छोटी बड़ी जरुरत कि चीजों को नेट से ही डाउनलोड कर देता !
जब तुम नाराज होतीं तो मैं तुम्हे फिर से रीस्टार्ट करके रिफ्रेश कर देता !
तुम्हारे चेहरे के डेस्कटॉप पर अपनी तस्वीर सजाता !
तुम्हारे साथ वेब केम लगाकर तुम्हारी तकनिकी आँखों में अपनी सूरत देखता !
तुम्हारी वर्ड फाइल्स में तुम्हारे नाम तरह, तरह के अंदाज़ में लिखता और उनकी सुंदरता बढ़ाता !
तुम्हारी एक्सेल फ़ाइल में जा कर तुम्हार जरुरत कि हर चीज का हिसाब करता !
तुम्हारी सुन्दर मुस्कान का जब चाहे प्रिंट निकल लेता और अपने पास रखता !
एक प्रॉब्लम ये जरुर हो जाती कि तुम्हारे साथ किसी और से चाट नहीं कर सकता !
तुम्हें तरह, तरह के वॉलपेपर से सजाता !
किसी अच्छे एंटी वायरस से तुम्हारी सुरक्षा करता !
हर समय तुम्हारे साथ गुजरता !तुम्हारे साथ खेलता, तुम्हारे साथ पढ़ाई करता, तुम्हारे साथ फिल्मे देखता !
हर रोज़ इंटरनेट से डाउनलोड कर के तुम्हे गिफ्ट देता और तुम्हे खुश रखता !
तुमसे जुदा होने, बिछड़ने, तुम्हारे गम में जलने का झंझट ही ख़त्म हो जाता !
जब भी तुम घूमने फिरने कि फरमाइस करती तो तुम्हे इंटरनेट पर वर्ल्ड वेबस्टेस पर ही घुमा देता !
काश तुम कंप्यूटर होतीं ! जब चाहे तुम्हारा दीदार कर लेता ! जब चाहे जहाँ चाहे तुम्हे अपने साथ रखता !

काश तुम कंप्यूटर होतीं ! मगर ऐसा नहीं है , शायद इसलिए तन्हाई , गम बेचैनी, फुर्सत यादें इन सभी से दो चार होना पड़ता है !!

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