दिल की तड़फ

मेरे सपनों में आया एक सपना
वो मुझे लगा अपनों से भी ज्यादा अपना
मिला था मै तुझ से तेरे ही दिल में
अब तो खो गया हूँ मै तेरे ही दिल में
हँस रहा है बंद आँखों में कोई
है वो चेहरा जाना-पहचाना
मिला रहा है आँखों से आँखे कोई
वो नजराना भी है जाना-पहचाना
धडका रहा है आज मेरे दिल को कोई
वो शख्स भी है जाना -पहचाना
तेरी यादों में बेठा हूँ
सीने को जलाकर
तड़फ रहा है दिल
रो रही है धड़कने
देख लो चाहे आकर

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