ख़ामोशी की जुबाँ

ग़र हम ना बोले तो समझ लेना
हमारी ख़ामोशी में भी दुआ है
आपके लिए
ग़र हम ना मुस्कुराए तो समझ लेना
हमारी उदासी में भी दुआ है आपके लिए
ग़र हम खूब सोएं तो समझ लेना
हमारी नींद में भी दुआ है
आपके लिए
और अगर ना खुलें कभी हमारी आँखे
तो समझ लेना
बंद आँखों में भी दुआ है
आपके लिए
हमारे प्यार को कभी कमजोर मत समझना
ग़र हो जाए हमारा प्यार कमजोर तो जान लेना
उस कमजोरी में भी दुआ है आपके खेरियत की

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