होली पर एक मुक्‍तक

रंगो से रंगा घर ऑंगन मेरा
जल से भीगा दामन तेरा
रंगो में भीगी देख तुझको
फाल्गुन भी में भी याद आया तेरे संग बिताया वो सावन मेरा
अविनाश कुमार

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