स्वप्नदल

अगर राज हो मेरे दल को?
सभी लोग आराम करेंगे ।
सदा नशे में बुत्त पड़ा हो ?
अपना नया समाज रहेगा ॥
फेकेगें पासा पुनि शकुनी ?
बहुमत प्रबल पगार रहेगा ।
गाजा भांग शराब चरस औ,
राजकीय बहु व्यापार रहेगा ॥
देश-देश भीख माँगनें,
भेजे भिखमंगे जायेंगे ?
अफसर सारे आराम करेंगे,
डट सब चारो धाम करेंगे ॥
जा विदेश धन लाएंगे ,
मिल जुल उसे सभी खाएंगे ॥
तिव्वत से दुशाला लाऊगा?
मेवाड़ मखमल पहिनाऊगा ।
समलैगिक सरकार बनेगी ?
फिल्मी शिક્ષા मुक्त मिलेगी ।
अगर युवक सब माँग करेंगे,
डिग्री सारी मुक्त मिलेगी ॥
मंत्री कोई मतिमंद न होगा ?
लेना रिश्वत बन्द न होगा?
रिश्वत ते चन्दा आयेगा?
वन्दा बैठ-बैठ खाएगा ॥
महामूर्ख को जनता जाने ,
मूँछ मुड़ाएं सूट पहिचाने ।
उनकी महिमा पुलिस बखाने?
कलियुग संत समाज भी माने।
नव युग मन्त्री को पहिचाने,
प्रजातन्त्र हौ खुद को जानें ॥

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