पद

पद

 

….क्षेत्रपाल शर्मा

 

 

हलधर , ठेके  पर  रहियो  जाइ l l

हल और बैल  बिक गए , बाकी  खेत  रहेंगे  बिकाइ l l

 

नेता -प्रधान  देश को कहते उलट , कृषी प्रधान,

हुए भगोडे कारीगर सब , शहर  परे  भैराइ ll

 

मीरासी अब मीर  कहावें , सब  चालीसा गाइ,

गौरा पंत ” शिवानी”  को  है ? पूछें  कहा बताइ !

 

बरसत लछमी ठेकन पर , सरसुति  बड़ी लजाइ,

बिना श्रम, छिरकत  खुशबू सब , कहौ करौ  का जाइ ll

 

सीख  बड़ेन की नहिं  सुहावे , देवें  गाल  बजाइ ,

हे प्रभु! ये रस्ते पर आवें , मारग  देव  सुझाइ ll

 

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  1. rakesh sharma 26/03/2014

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