दूसरों के दिल पे भरोसा किया करते हैं !!

दूसरों से दिल लगा कर हम अपना दिल क्यों  तोड़ा करते हैं  !

पर ना जाने क्यों हम अपने  नहीं  दूसरों के दिल पे भरोसा किया करते हैं !!

जब दिल टूट जाता है तो अपना फ़साना लोगों को क्यों सुनाते हैं !

वो लोग भी बेसरम होते है जो ऐसे फसानो का मजा लेने आ जाते हैं !!

 

बड़ा दर्द है तेरी जुदाई में ये आज मुझे पता चला है !

मैं तुझ से जुदा हो कर पर मेरा साया तेरे साथ चला है !!

मैं अकेला रह गया, और तू अकेली रह गई !

मैं नहीं, तू नहीं बस ये हमारा दर्द हमारे साथ चला है !!

 

हमारी दर्द ए मोहब्बत का लोग अब दर्द समझने लगे है !

लोग जुदा होके कैसे जीते हैं ये अब हम समझने लगे हैं !!

तन्हाईओं में अब तेरी तन्हाईयाँ डसती है !!

जब कभी अकेला चलता हूँ तो तेरी परछाईआं मेरी साथ चलती हैं !!

 

(Written By Shakti)

 

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