कुछ शेर

१- अजीब उस मन्जर के बीच कारवाँ चलता गया

होती गयी राह आसान मैं भी कुछ बदलता गया

२- कम्बख्त  तकदीर की भी कुछ मजबूरियाँ रही होंगी

बरना तो हमेसा होती उस दिल में  बादशाहत मेरी

३- नजरों का धोखा तो नहीं यूँ मेरे अश्कों का बहना

कसम से यादों में मेरे कोई नहीं तेरे सिवा

 

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