कुछ मुक्तक …!

अकेला चल पड़ा हूँ हौसला मज़बूत लेकर मैं,
मेरा विश्वास हर बाधाओं को भी काट देता है
हवा ख़ुद ही बचाती है यहाँ दीपक को बुझने से
ईरादे नेक गर हो तो ख़ुदा भी साथ देता है !!

तुझे हर वक़्त सजदे में मैं अपनी याद करता हूँ,
तेरा दीदार हो रब से यही फ़रियाद करता हूँ
मैं अंजाँ हूँ मेरे बारे में तेरी सोच कैसी है,
बस इतना जानता हूँ कि मैं तुझसे प्यार करता हूँ !!

बहुत नादान हूँ मैं,आपकी इज्ज़त जो करता हूँ
कभी ना बात कोई आप बा-तहज़ीब कहती हैं;
मैं अपनी बेबसी पर आज भी ख़ामोश रहता हूँ
न जाने आप क्यूँ आखिर मुझे पागल समझती हैं !

दुआ रब से ये है मेरी कि हर खुशियाँ मिले तुझको
ख़ुदा से आज तेरे हिस्से का हर गम मैं लेता हूँ;
न मेरे पास है वो चीज़ जो तुझसे भी बढ़कर हो
मैं बस अल्फाज़ से तुझको मुबारकबाद देता हूँ !!!

तुझे गुमान है ग़र तू बहुत ही खूबसूरत है,
ये शक है कि मुझे बस तेरी ही तेरी ज़रूरत है
तो सुन ले ऐ हसीं नादाँ तुझे एक बात कहता हूँ,
ज़रा सी सोच ऊंची कर तुझे इसकी ज़रूरत है !

वो जो खामोश बैठी है ग़ज़ल बनकर मेरे दिल में,
उसी का प्यार है की रोज़ सुबह-ओ-शाम लिखता हूँ .
ये सच है की मेरे हर शेर उसके लफ्ज़ होते हैं,
उसी की जिद पे ही शायर में अपना नाम लिखता हूँ.

हम ग़रीबों पे इनायत-ए-नज़र कौन करे
तेरी बेदर्द सी दुनिया में बसर कौन करे
हम तो अपने ही घर में अपनों के सताए हैं
वरना जीने के लिए खून-ए-जिगर कौन करे !!

कल की वो नन्हीं सी बच्ची अब सयानी हो गई
पंख फैलाकर वो अब अम्बर की रानी हो गयी
रास ना आया किसी को उसकी ये स्वछंदता
अब वही बच्ची यहाँ बीती कहानी हो गई !!

वो लड़की आज कल किसके नशे में चूर रहती है
ना जाने कौन से हालात से मजबूर रहती है
मैं उससे दूर रहकर भी उसी के पास रहता हूँ
वो मेरे पास रह कर भी मुझी से दूर रहती है

ज़माने को कभी गजलों में दर्द-ए-दिल बताता था
ये दुनिया तब मेरे हालात पर खुशियाँ लुटाती थी
लगी थी टूटने हर दर्द और ज़ख्मों की ज़ंजीरें
मेरी खामोशी जब मुझ पर ही दिल और जाँ लूटाती थी !!!

हजारों लोग रहते हैं यहाँ ,ये घर नहीं कोई
है साया इनके ऊपर एक सा अंबर नहीं कोई
दुखों के एक डोरी से यहाँ बंधे हैं सब के सब
ये फिर भी टूट जाते हैं, यहाँ पत्थर नहीं कोई !

बनाते रोज़ हैं रिश्ते, निभाता है नहीं कोई
मुझे आवाज देकर अब बुलाता है नहीं कोई
तकाज़ा वक़्त का है आपसे शिकवा करूँ मैं क्यों
लगाकर आग दिल में अब बुझाता है नहीं कोई

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