गजल

न नींद आती है मुझे न नशा का है कुछ असर
बस सोंच में पड़ा हुँ तुझे देखने के बाद

शहर जानता है मुझे हर गली में थी मेरी नजर
रास्ता भूल गया घरका तुझे देखने के बाद

दुनियाँ कि बात छोडो खुद कि पता नहीं खबर
आँखें ठहरती नहीं कही तुझे देखने के बाद

लगालो हमें अपनी गले या देदो हमें तेरी जहर
जीना किसी के साथ नहीं तुझे देखने के बाद

तुही मुझे बतादे हसीना गुजरेगी कैसे ये सफर
और मुझे तमन्ना नहीं तुझे देखने के बाद

हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड

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  1. Rinki Raut Rinki Raut 15/02/2014

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