गधा बन गया हीरो

जमाना बदल गया
लोग बदल गए
हँसी के
गोल गप्पे खाने वालों की
कोई कमी नहीं थी
इसी बात को
ध्यान में रखते हुए
फ़िल्मी दुनिआ के
मशहूर निर्माता ने
फ़िल्म ‘लव तेरी हँसी ‘
बनाने की सोची
किंतु हीरो नहीं था
कॉमेडियन,चेम्पियन
निर्माता डगमगाया
टूटी झोंपडी में
कुर्सी लगाकर बैठे
गधे के पास जाकर
नमस्कार की,फिर बतिआया
गधे जी,आप
मेरी फ़िल्म में काम करोगे
मुँह माँगे
रुपये दूँगा!
गधा मुस्कुराया बोला,
क्यों नहीं जरूर?
किंतु मेरी शर्त हैं
मैं गधा हूँ
आप हीरोइन को
गदही बनाना!
निर्माता चिंघाड़ा
किंतु पल में बतिआया
मुझे मंजूर है
आप तैयारी कीजिए
हीरोइन लेकर आता हूँ!

 

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