गधे से घोडा बोला

गधे से,
घोडा बोला,
अबे ओ!
निकम्मे गधे
तुझसे मैं अच्छा हूँ!
लोग मुझको पानी से
नहलाते हैं
अच्छा खाना खिलाते हैं
रहने के लिए
आराम दायक जगह देते हैं
बड़े ऐश आराम से
बैठकर घूमते हैं!
पर,तू है कि
दिन भर,
धूल में पड़ा हिचकिचाता है
कैसी तेरी जिंदगी है?
गधा मुस्कुराया,
होठों को चबाते बोला,
अरे आपने
बिना मतलब
क्या कह दिया?
मैंने तुझे भाई समझा
तूने भाई के नाते को तोड़ दिया
अब मैं भी कहता हूँ,
चिकने घड़े पर
फिसलती बूँद
तुझसे मैं अच्छा हूँ!
लोग मुझ पर
गधे से,
घोडा बोला,
अबे ओ!
निकम्मे गधे
तुझसे मैं अच्छा हूँ!
लोग मुझको पानी से
नहलाते हैं
अच्छा खाना खिलाते हैं
रहने के लिए
आराम दायक जगह देते हैं
बड़े ऐश आराम से
बैठकर घूमते हैं!
पर,तू है कि
दिन भर,
धूल में पड़ा हिचकिचाता है
कैसी तेरी जिंदगी है?
गधा मुस्कुराया,
होठों को चबाते बोला,
अरे आपने
बिना मतलब
क्या कह दिया?
मैंने तुझे भाई समझा
तूने भाई के नाते को तोड़ दिया
अब मैं भी कहता हूँ,
चिकने घड़े पर
फिसलती बूँद
तुझसे मैं अच्छा हूँ!
लोग मुझ पर
सामान ढोते है
बैठ भी लेते है
कम खर्चीला हूँ
पानी बचाता हूँ
धूल से नहाता हूँ
चोर का डर नहीं
खुलेआम घुंमता हूँ
ठंडी हवा लेता हूँ
नहीं विस्वास शर्त रख
मेरे साथ चल
पता लग जायेगा
घोडा डर गया
सलामी देकर
नो-दो ग्यारह हो गया!
सामान ढोते है
बैठ भी लेते है
कम खर्चीला हूँ
पानी बचता हूँ
धूल से नहाता हूँ
चोर का डर नहीं
खुलेआम घुंमता हूँ
ठंडी हवा लेता हूँ
नहीं विस्वास शर्त रख
मेरे साथ चल
पता लग जायेगा
घोडा डर गया
सलामी देकर
नो-दो ग्यारह हो गया!

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