मैं खाऊँगा

साम होते ही
हवा फुर फुराती
पत्ते मरोड़ती
चल रही
विशाल पेड़ के नीचे
इंसान और गधा
आनंद ले रहे
प्रकृति के
अजीब खेल का!
अचानक गधे ने
फ़रमाया,श्रीमान जी
मैं भूखा प्यासा हूँ
मुझे कुछ दीजिए न
इंसान बुदबुदाया
झुँझलाते चिल्लाया,
तू गधा है
जा कहीं से
हरी घास चर ले
तंग मत कर
और क्या चाहिए?
गधा मुस्कुराया बतिआया,
श्रीमान जी,
चाय के साथ ब्रेड
और नाना प्रकार के
भोजन चाहिए
क्योंकि मैं इस युग का
गधा हूँ?
प्रार्थना स्वीकार कीजिए!

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