पर आप तो है

सड़क पर
खड़ा गधा
भीड़ में
लोगों को
उल्लू बना रहा
यानी अपने को समझदार,
सबको बेवकूफ मान रहा
तभी एक इंसान सामने आकर बोला,
आप गधे हो
कोई नेता नहीं
क्यों भीड़ में?
कहानियां गढ़ रहे हो
बुझाकर बत्ती
अँधेरे में चल रहे हो
गधा हिचकिचाया
किंतु सिर उठाकर बतिआया,
मैं गधा हूँ
कोई नेता नहीं
पर आप तो है
नेता जी!

Leave a Reply