गधे ने कहा

मैदान में
पास रखे,
डालिआ को
गधा
धूप भरने का
प्रयास कर रहा
पूछने पर,
जवाब नुकीला सा
फैंकने लगा
क्यों जी ?
आपको परेशानी है
या बीमारी है
मैं घूमूँगा आवारा बन
गलिओं में
मौहल्लों में
चढ़कर किसी पहाड़ पर
अपना गीत गाऊँगा!
मैं चकराया
घूमकर इधर-उधर
चीखता चिल्लाया
ओ! बेशर्म गधे
कोई ईंटों का बोझ
न लाद दे
तेरी जिंदगी नरक न बना दे
धीरे-धीरे!

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