कविता~ “कालपुरुष” कवि विनय भारत

ऐसा कौन विजेता

जिसने काल को जीत लिया है

काल के मुख मण्डल से

किसका इतिहास बचा है

।काल के अट्टाहास को

कौन जो रोक पाया,

किसने काल के सीने पर

विजय का झण्डा है लहराया?।

कालदेव है वह विजेता

अब तक रहा अमर है,

अथ से लेकर इति तकधरा पर

मृत्यु हीएक सच है।

काल विजेता बनने अब तक जाने कितने आए

किसमे इतना साहस है,

जो काल को मार भगाये ।

वीरों के हाथों मे चाहे

लोहे का दम भरा है,

फिर भी अन्त मे वीरों को

काल के युद्ध में मरना पडा है।

नही जीत पाया है ,

ना कोई जीत सकेगा

बस एक ही सच है

इस धरा पर

काल ही अमर रहेगा

कवि -विनय भारत