कविता-” उफ! ” कवि- विनय “भारत”

मैने उससे कहा

प्यार करता हूँ

तेरी सादगी से

तेरी मासूमियत से

औरतुझसे

वो बोलीप्यार तो

मुझेभीतुझसेपर

डरतीहूँ

यदिपता चला

मेरे घरवालों को

पिता को

भाई को

तोतुझे

यूँरोता देख

कभी खुश नारह पाउँगी

ना सुख से कभी जी पाउँगी

ना तेरे बिन मर पाउँगी

माफ करना

ए मेरेदिल

तुझसे रिश्ता ना रख पाउँगी

उफ!

कवि- विनय “भारत”