“स्वतंत्रता का पर्व”

(स्वर्ण जयंती वर्ष पर लिखी मेरी पुरानी रचना सादर पेश है)

:::::::”स्वतंत्रता का पर्व” :::::::

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स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।
हम अपने इस देश को सजायें।।
आपस के भेद-भाव त्यागें,
अब तक थे सोये हम जागें,
हम एकता के गीत गुनगुनायें।
स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।।
स्वर्ण जयंती का वर्ष आया,
पचास वर्ष बीते क्या पाया,
निज कमियों से सबक सीख जायें।
स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।।
थे हमने अरमान जो संजोये,
कन्धों पर कष्‍ट बहुत ढोये,
हम मानवीय जीवन अपनायें।
स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।।
बहुत दुख हमने है झेला,
आई निर्माणों की बेला,
हम नूतन इतिहास फिर बनायें।
स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।।
जो स्वप्न शहीदों के हैं अधूरे,
हमको मिल करने हैं पूरे,
हम समता का राज नया लायें।
स्वतंत्रता का पर्व हम मनायें।।
रचनाकार ::: मनमोहन बाराकोटी “तमाचा लखनवी”
पता :  3/2 पी० एण्ड टी० कालोनी, मालवीय नगर, ऐशबाग़, लखनऊ-226004

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