नज़्म – एक कवि की मौत

आखरी सांस तक लड़ता रहा.

 

आपनी उंगली से हवा पे लिखता रहा उसे.

 

जितनी देर सांस चली तरसता रहा

घोलता रहा खून की सिहाई

और डॉक्टर्स सुलाते गये

एक एक लफ्ज़ को.

 

उसकी मौत की खबर

उसकी कवितायों से छुपाई गयी.

 

और यह बात भी छुपायी गयी

की उसकी मौत

आपनी सांसो को बचाने

और एक नयी नज़्म को सांस देने की

लड़ाई में हुई.

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  1. Rinki Raut Rinki Raut 08/02/2014

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