मिलना है तुमसे (Subrata Sinha)

यह रिश्ता है पुराना तुमसे ,
यह नाता है जनम का तुमसे,
अलग होकर आज है यह जाना मैंने |
मेरा वज़ूद टिका है तुमसे,
हो तुम हमेशा मुझमे,
हू मैं दूर फिर भी तुमसे |
कैसा इंसाफ़ यह किया तुमने,
करके जूदा किया बेबस हमे |
मिलेंगे हम एक दिन फिरसे,
होंगे हम तुझ में फिरसे,
नही आना यहां कसमसे,
बोलो कब जाऊँ मिलने तुमसे |

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