महकते फूल

महकते फूल

बाग़  में खुशबू  फैल गई ,  बगिया  सारी  महक  गयी,

रंग-बिरंगे  फूल खिले,  तितलियाँ  चकरा  गईं,

लाल ,पीले ,सफ़ेद  गुलाब ,गेंदा  , जूही ,खिले  लाजवाब ,

नई पंखुरियां  जाग   गयी, बंद  कलियाँ झांक  रही .

चम्पा , चमेली , सूर्यमुखी , सुखद  पवन गीत  सुना  रही

महकते फूलों  की क्यारी ,  सब के  मन को लुभा  रही,

धीरे से छू कर देखो खुशबू ,   तुम  पर खुश्बू  लुटा  रही,

महकते  फूलों की डाली,   मन ही मन इतरा  रही ,

हौले  -हौले  पाँव   धरो,   भंवरों   की गुंजार    बड़ी,

ओस  की बूंदे  चमक  रहीं ,  पंखुरिया  हीरों  सी  जड़ी,

सब को सजाते  महकते फूल ,   सब को रिझाते  महकते फूल,

महकते फूलों से सजे  द्वार ,महकते फूल बनते  उपहार …………

——————————————————————————–

 

 

Leave a Reply