खुदा मालिक

जिंदगी के हर क्षण, हर घडी, हर पल का खुदा मालिक
बीता हुआ समय और आने वाले कल का खुदा मालिक

हम तो अपनी ही बात करेंगे क्या लेना देना औरों से हमें
जैसी करनी वैसी भरनी, हर कपट हर छल का खुदा मालिक

हमें न घसीटो राजनीति की इस अधपकी खिचड़ी में यारों
तुम ही रहो इसमें, इस भयानक दलदल का खुदा मालिक

हमारा तुम्हारा, हम सभी का रखवाला, वो है न उपरवाला
सुखी दुखी,अमीर गरीब,बलशाली हर निर्बल का खुदा मालिक

उसके रहमों करम पर ही तो निर्भर है हमारी गुज़र बसर
हम मेहनती लोगों की मेहनत के हर फल का खुदा मालिक

न हो जो रहमत उसकी तो मुश्किल है पाना कुछ भी “चरन’
दुनिया की हर शै, गगन, जल और थल का खुदा मालिक
______________________________________
त्रुटि हेतु क्षमा प्रार्थी – गुरचरन मेहता

One Response

  1. सुनील लोहमरोड़ सुनील लोहमरोड़ 03/02/2014

Leave a Reply