गजल -भाग्य के अनमोल नगमे

भाग्य के अनमोल नगमें है सुनाती जिंदगी |
आग किस्मत में लगाकर आजमाती जिंदगी ||

जिंदगी तो बंदगी से भी नहीं बनती कभी |
बेकसों को बेरहम होकर मिटाती जिंदगी ||

मुफ्त में पाता कभी कोई मुकद्दर को यहाँ |
भूख से कोई तड़पता अश्क लाती जिंदगी ||

जिंदगी की कर इबादत मिट गए जो नेक थे |
काफिरों की महफ़िलों में गुल खिलाती जिंदगी ||

जीत लेते है सिकंदर मुल्क अपने वक्त में |
राम को भी वक्त के झटके दिखाती जिंदगी ||

जिंदगी बख्शीश बख्शी ईश ने इंसान को |
तू लगा सजदा खुदा का सब सिखाती जिंदगी ||

सीख करके संसकृत शिव लिख रहा है गीतिका |
दूर है सब छंद वैदिक गीत गाती जिंदगी ||

आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी

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