“माँ जो प्रेरणा देती है मुझे……………”

ना कोई छंद लिखता हूँ।
ना कोई बंद लिखता हूँ।।
माँ जो प्रेरणा देती है मुझे-
मैं वो अन्तर्द्वंद लिखता हूँ।। :::::::जय माँ शारदे।
रचनाकार :: मनमोहन बाराकोटी “तमाचा लखनवी”

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