बता आबाद है जो वो गुलशन कहाँ है,

मेरे मकां के चारों तरफ व्हीआईपी कालोनियां हैं ,
चारों तरफ कचरे के ढेर हैं,
और बदबू बिखेरती नालियों के बीच मेरा मकां है,
उजड़े गुलशन का बाशिंदा हूँ मैं ,
बता आबाद है जो वो गुलशन कहाँ है,

हाथों में हथकड़ी नहीं,
जुबां पर ताला नहीं,
पर,बोलने पर पाबंदी है,
जिसे आजाद कहते हैं,
दुनिया में बता वो मुल्क कहाँ है..?

26जनवरी, 2014

2 Comments

  1. सुनील लोहमरोड़ Sunil 29/01/2014

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