गजल

बफादारों कि बफादारी को नमक हलाल कहते है
शरम से बदली हुइ चेहरे को रंगत गुलाल कहते है
जवाफ देना पडे किसीको तो उठा  सवाल कहते है
मोहब्बत मे हुए कुरवान तो उसे मिसाल कहते है
इस्क मे हुए घायल तो उसे नजरें तरवाल कहते है
जख्म दबाए  फिरे दिवाने तो हुवा हलाल कहते है
देख के खुशनुमा हुई थर थरी तो भूचाल कहते है
दिल धड़कना बंद हो गई तो उसे इंतकाल कहते है
हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड

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