गजल

हुई उनसे मुलाकात दरिया के किनारे
अकेले मे हुई बात दरिया के किनारे
न पता न खबर न लहरो कि कोई डर
हुई इश्क कि सुरुवात दरिया के किनारे
गुम हो गई दोपहर जाने न दिया घर
पड़े रहे रात भर दरिया के किनारे
फैल जाएगी खबर अब सारी ये शहर
हमने खाई है कसम दरिया के किनारे
बित जाए ये उमर तेरे साथ रह कर
जनाजा निकले यही दरिया के किनारे
हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड

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