“जय सुभाष”

जिसने देश खातिर बचपन से ही शोहरत पा ली।
था महान व्यक्तित्व और थी सूरत भोली-भाली।।
मातृभूमि पर अपना सब कुछ कर देते न्योछावर-
ऐसे वीर सपूतों के बलिदान नहीं जाते खाली।।
– रचनाकार ::  मनमोहन बाराकोटी “तमाचा लखनवी”

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