कविता- ” लड़की चालीसा”

वाह री लडकी !

तू भी क्या बला है

पहले प्यार करती बाद में

खोखला हैतूने जाने अब तक

कितनों को फँसाया

जिसने तुझको चाहा

तूने उसी को रूलाया

तेरा ये प्यार कैसा

जो चाहे हरदम पैसा

तू उसे नहीं देखे

हो कोइ ऐसा- वैसा

तेरी नजर का जादू

कर देता है बेकाबूतेरी

है ऐसी माया

कोइ समझ ही ना पाया

हे लडकी कृपा कर दो

अब हमको धोखा मत दो

मत आओ जिंदगी में

ना जीवन खराब कर दोमैं

मस्ती में हूँ डूबा

मुझे मस्ती में रहने दो
बस इतनी कृपा कर दो

बस इतनी कृपा कर दो

श्लोक -लडकों के कल्याण हित ,
लिया गर्लफ्रेंड अवतार!

जिस पर कृपा है तेरी ,
वो लव सागर पार!!१!!

नाम रूप अनेक हैं ,
अनेक भक्त हैं साथ !

तेरे प्रेम जलधि में सुन

जो डूबा सो पार!!२!!

देवी वर एक दीजिये

पूर्ण होवेंसब काम!

कुँवारे कभी ना मरें

जो जपें तिहारो नाम!!३!!