स्पर्श कर जाती है

अतीत के झरोखे से,
अविस्मृत सी स्मृतियाँ,
मेरे शांत अंतस को,
स्पर्श कर जाती हैं |
तन सिहर उठता है,
ज्यों शीतल समीर पान हुआ हो,
मधुर स्मृतियाँ ह्रदय को,
स्पर्श कर जाती हैं |
मन विछल हो उठता है,
लबों पे फिर सज सजते हैं,
एक मधुर रागिनी ह्रदय को,
स्पर्श कर जाती हैं |
ह्रदय कितना हर्ष-विभोर,
हर्षित, पुल्कित हो उठता है,
अतीत कि झपकियाँ दिल को,
स्पर्श कर जाती हैं |
कोमल कोंपल सी फूटें,
मेरे बंजर ह्रदय के अंतस में,
जब उसकी मुस्कान दिल को,
स्पर्श कर जाती हैं |
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