जीने का मजा

जीने का मजा

कैसे बताऊँ आपको शराब का मजा क्या है
एक घूंट लगालें खुद पता होगा मजा क्या है

अकेले जो पिते हो घुट घुट कर मरजावोगे
बुलालो पास शाकी को पता होगा मजा क्या है

पड़े हो शराबखाने मे जैसे एक टूटी जाम हो
बितावो शाम महफिल मे पता होगा मजा क्या है

गजल का तराना और पायल कि झनकार जहाँ
शाकी भरे जाम वहाँ पता होगा मजा क्या है

जीनेका करो न ढोंग जीना है तो जी भरके जियो
बनालो कब्र महफिल मे पता होगा मजा क्या है

हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड

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