तुझे भी है

मेरी बेपनाह मुहोब्बत के असर से,
तड़पन तुझे भी है,
मुहोब्बत ना सही पागल, पर मुझसे,
लगन तुझे भी है ।
तुम खुद को रोक नहीं पाते,
मुझसे प्यार करने से,
इस बात का ताजुब है मुझे, और,
जलन तुझे भी है ॥
मेरे ख्वाहिशों के काफिले से,
चुभन तुझे भी है,
मुझे ना रोक पाने कि माथे पर,
शिकन तुझे भी है ।
तुम इतने मगरूर रहते हो,
अपनी ही हस्ती में,
मुझे फिर भी तुमसे प्यार है,
इसका घमंड तुझे भी है॥
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