याद

वो तेरा पैरो मे थिरकना
और चिल्लाकर
अपने जिदको
हम से मनाना
खेल खेल मे झगड़ते हुए
मेरे बाहों पर
तेरा दाँतों से काटना
याद आती है
तेरी वो शरारती आदतें
स्कुल जाते समय
रास्ते मे ही झगड़ पड़ना
चोर सिपाही खेलते समय
बाहों मे पकड़कर
जो चूमा था मैन
दूर मुझे धकेलकर
तेरा वह घूरना
और जाते जाते
फिर तेरा मुस्कुराना
याद आती है
खट्टी आम चबाकर
वो तेरा मुह बिचकाना
जब बाहों मे तुझे भरता
तेरी वो बदन के खुश्बु
मेरी रातों कि नींद उड़ाना
ऊँगली मे
साडी के पल्लू लपेट कर
तेरा वो शर्माना
सूरज ढलने तक
पेड़ के निचे
मेरे कंधो मे सर रखकर
तेरी वो बातें बनाना
याद आती है

हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड
२४-१२-२०१३

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