अलबिदा

कल तक वो मेरे साथ थे
आज कह दिया अलबिदा
खुशबू हमारी ले गए
कहते हुए वो अलबिदा
कल तक जो …….
बेख़ौफ़ थे हम अनजान से
आदत पड़ी थी ख्वाबो कि
तकदीर हमारी मुस्कुरा के
कहती चली गई अलबिदा
कल तक जो …….
रात गुजारी शरारतो में
बाहो में ले के प्यार से
सुबह हुई और चल दिए
हाट उठा के अलबिदा
कल तक जो …….
साथ चले कई रास्ते
बाहो में बाहे लपेट कर
ऐसी मनहूस मोड़ आई
चलते बने कह के अलबिदा
कल तक जो …….
हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड
०७-११-२०१३

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