नव वर्ष दिवस

हर वर्ष नई उमंग है लाती, जन जन को  हर्षित कर जाती
शुभ स्वच्छ मंगल दिवस, नव वर्ष दिवस नव वर्ष दिवस

कौन रजा, रंक कौन, रहे न बैठे कोई मौन
उल्लासित् ह्रदय प्रसन्न मुख, भूल बैठे सारे दुःख

बस  यही कामना सबकी, दूर हो सब दुःख धरा की
रहे न कोई कहीं विवश, मंगल हो अपना यह वर्ष

स्वागत जय नव वर्ष दिवस, नव वर्ष दिवस नव वर्ष दिवस

प्रण करें मिलकर आज हम, होगी  नहीं एकता कम
मिटा डालेंगे जहां से आतंकवादियों का हवस

स्वागत जय नव वर्ष दिवस, नव वर्ष दिवस  नव वर्ष दिवस

शांति की स्थापना हो, भय का कहीं छाप न हो
अटल रहे सभ्यता हमारी, एकता की गाज  भारी

” हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई, आपस में हम भाई-भाई ”
और न है कोई नारा अपना, आओ रखें इसे हम सच

स्वागत जय नव वर्ष दिवस, नव वर्ष दिवस  नव वर्ष दिवस

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