ठीक नहीं

दिल की बात को यूँ दिल में दबाना ठीक नहीं
अंदर है दर्द फिर भी यूँ मुस्कुराना ठीक नहीं

जेब का कुछ , कुछ तो ख्याल कर मेरे भाई
उसके लिए ऐसा कीमती नज़राना ठीक नहीं

कहना है जो कह डालो, करना है तो कर डालो
मेरे दोस्तों इस तरह खंजर छुपाना ठीक नहीं

बोलता नहीं, कोई सुनता नहीं, कोई देखे ना,
इस तरह की लाचार सरकार बनाना ठीक नहीं

हद कर दी, सारी बातें क्या मै ही समझाऊँ
अब इस तरह मेरा मुहँ खुलवाना ठीक नहीं

बच्चे भी छोटी छोटी बातों को समझने लगे “चरन”
चिल्ल-पौ हंसी मजाक महफ़िल जमाना ठीक नहीं
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त्रुटि हेतु क्षमा प्रार्थी – गुरचरन मेहता

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