सपना

मैंने एक सपना  देखा,

आज पार्क में घूम रही थी मेरे संग अभिनेत्री रेखा……मैंने एक…….।

वह संग संग मेरे डोल रही थी,

मुझको नजरो से तोल रही थी।

सुन्दर सुमुधुर बोलों से-

कानों में रस घोल रही थी।

मंत्र मुग्ध सा खड़े खड़े ही उसको-

चोर दृष्टि से देखा ……मैंने एक…….।

सोचा मैंने मुझको बह अपनायेगी,

मेरे मन की घंटी भी बज जायेगी।

कोई छेड़ कर प्रेम तराना-

मन में मेरे प्रेम सुधा बरसायेगी।

परन्तु अचानक सपना टूटा-

पड़े हुए अपने को मैंने पत्नी के पैरों में देखा।

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