कोई तो हो…

कोई तो हो मुझको गले लगाने वाला,
कोई तो हो मेरा दिल बहलाने वाला ।
जिक्र ही नहीं फिक्र करे जो दिल से मेरी,
कोई तो हो अपना मुझे बनाने वाला ।।

कायम कब तक वक़्त रहेगा तन्हाई का,
साथ निभाना बस अपनी ही परछाई का।
संग हमारे अपना वक़्त बिताने वाला,
कोई तो हो अपना मुझे बनाने वाला।।

जब रात में चाँद की तरफ नजर जाती है,
मेरे दिल में इक तस्वीर उभर जाती है।
बदली के पहरों में शाम सजाने वाला,
कोई तो हो अपना मुझे बनाने वाला ।।

मेरी हस्ती किसी के लिए खास नहीं है
मेरी खातिर कोई मेरे पास नहीं है।
बेताबी से अपने पास बुलाने वाला,
कोई तो हो अपना मुझे बनाने वाला ।।

नाखुश होकर दिल ये कभी बहक जाता है
पशोपेश कि राहों में चल थक जाता है।
मुझे मोहब्बत में जिंदगी दिखाने वाला,
कोई तो हो अपना मुझे बनाने वाला ।।

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