स्वास्थ्य रक्षक कविता

अरहर दाल जलाय के, दधि में देय मिलाय |
पकी खाज पर लेपिये देवे रोग मिटाय ||

गुड़ तोला प्राचीन ले, चूना माशा चार |
दोउ मिलाकर खाइए, देवे दर्द मिटाय ||

त्रिफला काला नमक को, पानी साथ सनाय |
सबहिं बराबर मापकर, नीबू रस मिलवाय ||
झरबेरी सी गोलियाँ, घोंट पीस बनवाय |
दो गोली सेवन करें, भूख बहुत बढ़ जाय ||

पत्ती पीसें नीम की, लीजै रस निकाल |
आधा तोला पीजिए, पेट कीट मिट जाय ||

पत्ती पीसें नीम की, लीजै रस निकाल |
आधा तोल पीजिये, पेटकीट मिट जाय ||

2 Comments

  1. admin चन्द्र भूषण सिंह 06/12/2013
  2. Sharda Nishad 20/12/2015

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