मैं गवाँर हूँ

मैं गवाँर हूँ एक भाई (नाम नही लिखुँगा) ने मुझे कहा कि तू गवाँर है क्योंकि तेरे पोस्ट Morden और Stylis नही ,

पुरानी विचारधारा के हैं……….

हाँ मैं गवार हूँ क्योंकि मैं मेरे घर मेँ तुलसी का पौधा है,

मनीप्लान्ट नही,

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि मेरे घर रामायण पढ़ा जाता है, मनोहर कहानियाँ नही,

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि मैं मात्र भाषा लिखता हूँ,, किराए की भाषा नहीं…

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि हमारे घर Fastion Tv नही देखा जाता,

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि मेरे घर की बहने क्लब नही जाती हैं…

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि मेरे आदर्श लाल बहादुर शास्त्री है,, एन डी तिवारी नही…

हाँ मैं गवाँर हूँ क्योंकि मेरे घर गाय पाली जाती है… सूवर नही… अगर ये गवाँरपना तो मैं गवाँर हूँ आपको आपकी पश्चिमी सभ्यता मुबारक… वो पश्चिम जहाँ सूरज भी जाके डूब जाता है॥

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