मेरे ख्‍वाबों में ख्‍यालों की एक लडी हो तुम………………….

मेरे ख्‍वाबों में ख्‍यालों की एक लडी हो तुम………………….
इन ऑखों में बहने वाली ऑसूओं की एक लडी हो तुम
पतझड में भी बसन्‍त के पहले खिले फूल की पंखुडी हो तुम
मेरे ख्‍वाबों में ख्‍यालों की एक लडी हो तुम………………….
इस दिल में धडकनों की एक लडी हो तुम
मेरे जीने और मरनें के बीच कश्‍मकश की एक कडी हो तुम
मेरे ख्‍वाबों में ख्‍यालों की एक लडी हो तुम………………….
(अविनाश कुमार)

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