कुछ बात करें

इस तपती दोपहरी में
हरियाली की बात करें
मन की शीतलता पाने को
सावन की बदली की बात करें,
कुछ कमी नहीं इस मौसम में
बस खनक हरी चूड़ी की हो ,
आओ ,बैठें- गायें मिलकर,
बस  यूँ ही मुलाकात करें .
मन अनुरागी जब हो जाये,
पलकों पर स्वप्न संवरते हों ,
तब इन्द्रधनुष के रंगो में –
मृदु जीवन की शुरुआत करें—

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