जय माँ भवानी

जय माँ, जय माँ सरस्वती

दे हमें विधा का ज्ञान

बना हमें इतना महान

कर सकें हम विश्व कल्याण

फिर गर्व से कहें

मेरा भारत महान, मेरा भारत महान

हमारा तिरंगा सदा उँचा रहे माँ

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

इस देश को तुने सँवारा

इस देश को तुने सजाया

माँ तेरी विधा के कारण

भारत दुनिया का गुरु कहलाया

गुरु फिर से बना माँ

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

तुने हमें अक्षर ज्ञान सिखाया

तुने हमें काबिल बनाया

ऋषि मुनियों इस धरती को तुने

अपने विधा के जल से नहलाया

उस जल से फिर नहला दे माँ

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

हे विधा दायिनी, मयूर वाहिनी

हर गीत तुझसे, संगीत तुझसे

तु है सात सुरो की रानी

तभी तो सारी दुनिया झुमे

गाकर सा रे गा मा पा दा नी

सात सुरो के इस संगम को माँ

यूँ ही जीवित रखना

ताकि गा सके तेरी अमर कहानी

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

माँ तेरे अनेको रूप

लक्ष्मी, कमला, शारदा

जो तेरे आँचल की छाव में रहे

जीवन में हर जीत कर

कभी नही हारता

हर जीत का रास्ता खोल दे माँ

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

माँ दे हमें वो आशीर्वाद

रख सके हम ऐसी बुनियाद

चारो तरफ हो खुशहाली

देश का बच्चा-बच्चा पढ लिखकर

कर सके तेरे दामन की रखवाली

विधा का भण्डार भर माँ

कर इतनी मेहरबानी

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी I

 

 

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