गणेश वन्दना

जय गणेश गिरिजा नन्दन,

प्रथम पूज्य श्री गणपति देवा-

हम करते हैं तेरा वंदन…………….. जय गणेश….. ।

शंकर सुवन भवानी नन्दन-

हम शरण तुम्हारी आये हैं।

पान, फूल, मेवा, मिष्ठान-

हम पूजा को लाये हैं।

सिंदूर का मस्तक पर तिलक लगा कर-

करते हैं तेरा अभिनन्दन…………….. जय गणेश….. ।

मूषिकारुढ़ प्रभु कृपा करें,

भक्तों का संताप हरें।

अशुभ-अलाभ को करें दूर,

सबका मंगल आप करें।

भक्तिभाव से स्मरण तुम्हारा-

हम कर रहे सभी है भय भंजन।…………….. जय गणेश….. ।

हे वक्रतुण्ड हे महाकाय,

दीनों के प्रभु करें सहाय।

अति प्रचंड है तेज तुम्हारा-

पटक पतितों का दें जलाय।

करें अभय संतप्त जनों को-

जो कर रहे दुखी हो कर क्रंदन. …………….. जय गणेश….. ।

अष्टसिद्धि नव निधि के दाता,

हों प्रसन्न हे बुद्धि प्रदाता।

द्दार तुम्हारे जो कोई आता,

खाली हाथ न कोई जाता।

स्वीकार करें प्रभु नमन मेरा-

हे गजमुख हे शिवनन्दन……………….. जय गणेश….. ।

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