अर्थ बदल जाता है

थोड़ा सा सम्मान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है,
शब्दों में मुस्कान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है,

नाकाबिल, काबिल के पीछे हो तो गर्ज दिखेगा,
निर्बुध से विद्वान् जुड़े तो अर्थ बदल जाता है।

कट्टरता में मानवता की हानि बहुत सम्भव है,
जहाँ राम-रहमान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है।

कोई पैसा रखता है, कोई ताकत रखता है,
हाथों में ईमान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है।

राजनीति की प्रचलित हैं छल वाली परिभाषाएँ,
जनता का कल्याण जुड़े तो अर्थ बदल जाता है।

निर्बल-सबल सभी लड़तें हैं अमृत-रस पीने को,
शिव जैसा विषपान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है।

धर्म-जाति-धन-बल-पद-यश का आलिंगन होता है,
इंसां से इन्सान जुड़े तो तो अर्थ बदल जाता है।

 

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