सच्चाई

सच तो अब यही है
कि सच सिर्फ होना जरूरी नहीं है,
बल्कि सच का सच लगना
ज्यादा जरूरी है |

बात तो यहाँ तक आ गयी है
कि सच होना भी बहुत जरूरी नहीं है,
बल्कि सच का सच लगना
ही बहुत जरूरी है |

अतः झूठ को
सच का जोड़ा पहना दिया जाय
और सच सा लगना
सिखा दिया जाय,
तो भी काम चल जाएगा
और ‘सत्यमेव जयते’
हो जाएगा|

2 Comments

  1. usha kiran 27/11/2013
    • Chandra Prakash Tripathi 04/10/2015

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