बेटी बचाओ

बेटी बचाओ, बेटी बचाओ

समाज में जागृति लाओ

बेटी का होना शुभ मानो

खुशी मनाओ, खुशी मनाओ

करो बेटी के लिए फरियाद

उसी से होता हर रिश्ता आबाद

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

 

सोचो अगर बेटियाँ ना होती

तो क्या हम होते आज

भ्रूण में ही करते हत्या उसकी

क्यों नही जागता ये समाज

खुद नारायण ने कहा गीता में

पूजी जाती नारी जहाँ

वहाँ करता मैं निवास

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

 

बेटी प्यार, करुणा और त्याग की मूरत

हर कामयाबी के पीछे उसी की सूरत

माँ बनकर पालन पोषण करती

बहन बनकर बांधती राखी

सुता बन इज्जत कमाती

घर का बोझ उठा सारा

अपना पत्नी धर्म निभाती

फिर क्यों होता उससे विवाद

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

 

बेटियों ने खूब नाम कमाया है

तिरंगे को ऊँचा उठाया है

इन्दिरा, किरण, कल्पना भी है बेटियाँ

हिन्द का खूब मान बढाया

छू ली आसमान की चोटियाँ

बेटों से कहाँ कम है बेटियाँ

जो करते हम उनका तिरस्कार

अरे काल नाचता सिर पर अब

जो लूट रही वो बीच बाज़ार

अब तो करो बुलन्द आवाज

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

 

बेटी नही है अबला

साहस उसमें है अपार

वक्त पडने पर चान्डाल बने

वो असीम ताकत का भण्डार

लक्ष्मी बन धन बरसाती

दुर्गा बन करती संहार

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

 

हिन्द की बेटी का रहा है जलवा

हरदम रही है वो सरताज

रण क्षेत्र में डटी रही वो

उसी से हुआ स्वतन्त्रता का आगाज

आज क्यों कमजोर समझती अपने को

उठ, उठा खड्ग, रच दे एक नया इतिहास

बेटी है वंश की बुनियाद

जिससे चलता देश और समाज I

7 Comments

  1. usha kiran 27/11/2013
    • कुलदीप वशिष्ठ 27/11/2013
  2. simon roy 14/01/2015
  3. simon roy 14/01/2015
  4. deepak 25/01/2015
  5. deepak 25/01/2015

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