दिखा

वो बोला खवाबों में तकदीर बना कर दिखा
मैंने कहा, पानी में तस्वीर बना कर दिखा

मस्त आँखों से पिला दी है आज मैंने तुझे
दम है तो अब ज़रा होश में आकर दिखा

भगवान् तो मान भी जाएगा तेरी प्रार्थना से
सच्चा है तो रूठे यार को मना कर दिखा

बहुत आवाज़ निकलती है तेरी माँ-बाप के आगे
एक बार, यार बीवी के सामने सुनाकर दिखा

तेरे कितने ही गुनाहों में साथ दिया हमसफ़र
हमसे भी हुई थी गलती, ज़रा अपनाकर दिखा

बड़ा गुमां था न ताकत पर अपनी तुझे “चरन’
वक़्त बीता,चल अब जोर आजमा कर दिखा
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त्रुटि हेतु क्षमा हेतु प्रार्थी — गुरचरन मेहता

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