ये दिल

गर आपके दिल की धड़कन बढ़ने लगे
माथे से पसीना भी बस यूँ ही झड़ने लगे
सांस सीने तक न पंहुचे और रुकने लगे
आँख बंद होकर खुद ब खुद झुकने लगे
दिल में एक आग सी लगे कुछ भाये ना
कुछ कहते भी न बने सहा भी जाये ना

तो इससे पहले आपका हाव-भाव कम हो जाये
और कुछ पढ़ कर आपको कहीं भ्रम हो जाये

तुरंत जाकर अपने चिकित्सक से सलाह लेना
आप अब नोट नहीं रहे बल्कि खरीज़ बन चुके हैं
उम्मीद है अब तक तो आप समझ ही गए होंगे
ये लक्षण थे – आप दिल के मरीज़ बन चुके हैं I
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त्रुटि क्षमा हेतु प्रार्थी — गुरचरन मेहता

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