चिरिया


चिरिया ले गइनै चुरायके,
मुरारीहमरे राम।।
चीर चुराय कदम चढि बैठे,
जलवा मे सखी सब उघारी ,
हमरे राम ॥
चिरिया ले गये चुरायके,
मुरारी हमरे राम॥
हाथ जोरि के राधा विनवै,
दे दा तु चिरिया हमारी,
हमरे राम॥
चीर तुम्हारी तबै हम देबै,
जो जा तूजलवा से न्यारी,
हमरे राम॥
पुरइन पात पहिनि राधा
निकलयनी,कॄषन बजावै लगनैतारी,
हमरे राम॥
चिरिया ले गइनै चुरायके,
मुरारी हमरे राम॥

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